लखनऊ सुपर जाएंट्स के विरूद्ध करो या मरो के मैच में कोलकाता की टीम भले ही दो रन से हारी हो लेकिन एक प्लेयर जिसकी चर्चा विपक्षी खेमा भी कर रहा है वे है रिंकू सिंह । रिंकू सिंह नाम ही नहीं बल्कि एक संघर्ष की कहानी हैं । क्रिकेट के प्रति जज्बा और उसके साथ जिद ने रिंकू सिंह को बड़ा मुकाम दिया है । लखनऊ और कोलकाता के बीच जहाँ सबने कोलकाता की जीत की उम्मीद छोड़ दी थी । यहीं रिंकू ने यह भरोसा जताया की कुछ भी संभव है । हालाकिं रिंकू गेम को समाप्त नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने शानदार खेल का प्रदर्शन कर लाखों दिल जीत लिए ।
रिंकू की साहसिक पारी

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ के सलामी बल्लेबाज़ डिकॉक के 70 गेंद पर लगाए गए शक शतक की बदौलत टीम ने 210 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता की टीम ने आठ विकेट खोकर 208 रन ही बना पाई और बेहद करीब आकर इस मुकाबले को हारी । जहाँ महज दो रन के अंतर से कोलकाता को हार का सामना कर विदाई लेनी पड़ी । जहाँ रिंकू सिंह ने 15 गेंद में 40 रन बनाए और अंत तक संघर्ष करते दिखाई दिए ।
इस प्लेयर ने जीवन में कई उतर चढ़ाव और संर्घष के बाद क्रिकेट जगह में अपनी एक छाप छोड़ी है । यूपी के अलीगढ़ से सम्बन्ध रखने वाले रिंकू सिंह की कहानी और जीवन काफी संघर्ष और प्रेरणा देने वाली है । जहाँ इस प्लेयर की कहानी कई युवा को भी प्रेरणा प्रदान करेगी की कैसे मेहनत लगन और कम संसाधन में बड़ी मंजिल और बुलंदियों को छुआ जा सकता है ।. आगे प्रकाश डालते हैं रिंकू सिंह के आईपीएल के सफर से लेकर मौजूदा दौर की जिसकी जानकारी आगे दी गई है ।
रिंकू सिंह ने बदल दिया था हवा का रुख
जहाँ कोलकाता को आखिरी ओवर में जीत के लिए 21 रन की दरकार थी वहीँ गेंदबाज़ों के लिए काल बने रिंकू सिंह ने शुरुआत के 3 गेंदों में 16 रन ठोकर कोलकाता को जीत के बेहद पास पंहुचा दिया लेकिन अंत में मार्कस स्टोइनिस ने आखिरी दो गेंदों में दो विकेट हासिल कर मैच का रुख मोड़ दिया ।
रिंकू की शानदार पारी के भाग 2 देखने के लिए अब नए सीजन का करना होगा इंतज़ार

रिंकू ने कोलकाता के लिए जहाँ शानदार पारी खेली और चौके और छक्के के साथ डील करते हुएkolkata को एक समय जीत के देहलीज पर खड़ा कर दिया वहीँ अब फैंस उनके नाते सीजन में उन्हें और देखने की अपील सोशल मीडिया पर करने लगे हैं ।
युवा के लिए प्रेरणा बने रिंकू सिंह
आईपीएल के महाकुम्भ और सबसे बेहतरीन क्रिकेट लीग में खेलने का सपना केवल भारतीय का नहीं बल्कि विदेशी प्लेयर को भी रहता है । पैसा शौहरत आदि सब आपको आईपीएल में मिल जाता है लिहाजा आपका प्रदर्शन ही आपकी जगह को टीम XI में पक्की करता है ।डोमेटिक क्रिकेट में अच्छा कर रहे युवा टैलेंट को अलीगढ़ से सम्बन्ध रखने वाले रिंकू सिंह की कहानी भी युवा खिलाड़ियों को इंस्पायर करने के लिए काफी है ।

रिंकू सिंह (Rinku Singh) अलीगढ़ से आते हैं और इनके परिवार में कुल 5 बहन-भाई है. आपको बात दें की रिंकू सिंह के भाई ऑटो चालक हैं वहीँ दूसरे भाई कोचिंग में कार्य करते हैं । रिंकू को पढ़ाई में कभी भी रूचि नहीं बनी हालाकिं किसी तरह वह आठवीं क्लास तक पढाई की लेकिन रिंकू सिंह 9वीं कक्षा में फेल हो गए. उनका लगाव और ररुझान क्रिकेट पर ही लगा रहा ।
जिसके लिए उन्हें कई दफा परिवार के सदस्यों से मार भी खानी पड़ी । जहाँ अक्सर उन्हें पढ़ने और काम करने की सलाह उनके परिवार के लोग देते थे । लेकिन रिंकू का दिमाग बस क्रिकेट पर ही केंद्रित रहा । जहाँ क्रिकेट के प्रति निष्ठां ही उन्हें इस मुकाम तक ले आई ।
क्रिकेट खेलने पर माता-पिता से खानी पड़ती थी डांट और होती थी पिटाई
एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान रिंकू ने कहा की साल 2012 में उन्हें क्रिकेट खेलेने पर पिता से मार भी खानी पड़ी थी. लेकिन, उसी साल उन्होंने जब मैन ऑफ द सीरीज बन मोटरसाइकिल जीत उन्हें भेट की तो उन्हें मेरे काबिलियत पर विश्वास हुआ और कभी फिर उन्होंने मुझ क्रिकेट खेलने से नहीं रोका और मेरा साथ दिया ।

रिंकू सिंह ने परिवार में आर्थिक तंगी को देखते हुए एक समय क्रिकेट को छोड़ देने का मन भी बना लिए था । पैसे की कमी और आर्थिक अभाव की बड़ी वजह के कारण रिंकू क्रिकेटर बनने का सपना को खुद अपने हाथों से मसलना चाह रहे थे । उनके पिता सिलेंडर डिलीवर का कार्य करते थे । यह सब चीजें उनके अनुकूल नहीं थी।रिंकू के भाई ने नौकरी के लिए उन्हें साफ-सफाई और पोछा मारने का काम एक समय दिलाया था। रिंकू की कहानी अपने आप में बड़ी मार्मिक है ।
केवल 8 वीं पास होने की वजह से रिंकू को झाड़ू मारने की ही नौकरी मिल पा रही थी । बाद में रिंकू ने ये सोचा की अगर मुझे अपनी जिंदगी में कुछ अच्छा करना है तो मुझे यहाँ से निकलना होगा । डोमेस्टिक क्रिकेट में भी धीरे धीरे रिंकू अपनी पकड़ मजबूत कर रहे थे और चयनकर्ता के सामने उनका नाम भी आने लगा था । उन्होंने जो भी थोड़ा बहुत मैच की इनामी राशि मिली उससे जोड़कर परिवार का 5 लाख का कर्ज भी चुकता किया ।
आईपीएल तक का सफर

आपकी ज़िद ही आपके सपनों को हकीकत में बदलने की छमता रखती है वैसा ही रिंकू ने किय अजहँ अच्छे प्रदर्शन और कड़ी मेहनत के बाद चयनकर्ता का भी धयान इस प्लेयर पर गया और युवा के टैलेंट को बढ़ावा देने के लिए उन्हें आईपीएल में चुना गया ।आपको बता दें की रिंकू सिंह की साल IPL 2017 10 लाख रुपए में पंजाब किंग्स के खेमें में गए ।
फिर उन्हें साल 2018 में केकेआर ने 80 लाख रुपए की राशि देकर टीम में शामिल किया । वहीँ साल 2018 से वो कोलकाता टीम का हिस्सा रहें हैं जहाँ उन्हें अधिक मौके नहीं मिले थे । लेकिन इस बार साल 2022 के सीजन 15 में आईपीएल के 35 वे मुकाबले में रिंकू सिंह को श्रेयस ने टीम में शामिल किया जहाँ उन्होंने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और सबका दिल भी जीता। जहाँ उन्हें एक मैन ऑफ द मैच का भी ख़िताब मिला । इसके बाद उन्हें नियमित मैचों में जगह दी गई और कोलकाता के लिए इस साल रिंकू सिंह ने शानदार पारी खेली और दिल जीता ।







