चेन्नई सुपर किंग्स ने दिल्ली को डीवाई पाटिल स्टेडियम में हुए आईपीएल 2022 के मैच 55 वे मैच में 91 रनों से रौंद दिया है । चेन्नई ने आईपीएल के सीजन-15 में अपनी चौथी जीत दर्ज की और 8 अंकों के साथ 8 वे पायदान परहै, वहीँ इस बड़ी हार के बाद ना केवल दिल्ली को 2 अंकों का बड़ा नुकसान हुआ है वहीँ अब दिल्ली के प्लेऑफ क्वालीफिकेशन के मौके पर भी सवालिया निशान बन चुके हैं ।
दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का निर्णय लिया । डेवोन कॉनवे और रुतुराज गायकवाड़ ने पहले विकेट के लिए शानदार 110 रन की साझेदारी निभाई । कॉनवे ने इस साल आईपीएल में अपना तीसरा लगातार अर्धशतक बनाया।। उन्होंने 49 गेंदों में 87 रनों की तेज पारी खेली।
फिनिशर की भूमिका में उतरे कप्तान एमएस धोनी की नाबाद 8 गेंदों में 21 रन की पारी ने सीएसके को 208/6 के विशाल स्कोर पर पहुंचा दिया। दिल्ली की ओर से एनरिक नॉर्टजे ने 42 रन देकर 3 विकेट चटकाए । दूसरी तरफ खलील अहमद ने 28 रन देकर 2 विकेट चटकाए ।
बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली ने पॉवरप्ले में अपने दोनों सलामी बल्लेबाज़ भरत और वार्नर को खो दिया । डेविड वार्नर (19) रन बनाकर आउट हुए ।वहीँ उनके बाद आये मिशेल मार्श (25) ने अच्छी शुरुआत की लेकिन बड़ी पारी में अपनी इनिंग को नहीं बदल पाए। एक समय शानदार खेल का प्रदर्शन कर रहे दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत 11 गेंद में 21 रन बनाकर मोईन अली का शिकार बने। जहाँ गेंद को कट करने के चक्कर में गेंद बल्ले से लगकर विकेट पर जा लगी । चेन्नई की ओर से मोईन अली सबसे सफल गेंदबाज़ रहे जहाँ उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 13 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।
धोनी ने प्रेजेंटेशन के दौरान कही ये बात

ये वास्तव में अच्छा है । अगर कुछ मैच हम पहले जीत जाते तो अच्छा होता , यह एक शानदार मैच था , बल्लेबाज़ों ने अपना 100 फीसदी दिया । हम टॉस जीतना चाहते थे और पहले क्षेत्ररक्षण करना चाहते थे, लेकिन अब टॉस हारना भी ठीक था। गेंद रुकती है और आती है, और यह 13-14 ओवर के बाद ठीक हुई । सभी ने थोड़ा सा योगदान दिया।स्कोर बोर्ड पर रन वास्तव में मदद करते हैं, और उनके बड़े-हिटर्स को रोककर रखना तारीफ के हक़दार हैं । सिमरजीत और मुकेश दोनों को परिपक्व होने में समय लगेगा । उनके पास क्षमता है, वे जितना अधिक खेलेंगे, खेल की समझ में उतना ही बेहतर होगा। यह अंततः बात अनुभव की है की कौन सी गेंद डालना ठीक होगा और कौन सा नहीं वो क्रिकेट अधिक खेलने से आएगा , टी20 क्रिकेट में यह सब जानना है कि किस गेंद पर गेंदबाजी नहीं करनी है।
मुझे मैदान पर आने के साथ तेज खेलना पसंद नहीं है । 12 गेंद बचे थे और अगर हम में से कोई 2 गेंद में 8 रन के स्कोर के साथ योगदान करते हैं, तो यह टीम को मदद करता है। लेकिन यह भी है की 2 या 3 रन बनाने से कोई फायदा नहीं होता। मैं गणित का बहुत बड़ा प्रशंसक नहीं हूं। स्कूल में भी मैं इसमें अच्छा नहीं था। । आप केवल आईपीएल का आनंद लीजिये । जब दो अलग अलग टीमें खेल रही हों, तो आप दबाव और सोच में नहीं रहना चाहते। आपको बस यह सोचना है कि अगले गेम में क्या करना है। अगर हम प्लेऑफ में जगह बनाते हैं, तो अच्छा है लेकिन अगर किसी वजह से प्लेऑफ में जगह की प्राप्ति नहीं भी होती है तो यह दुनिया का अंत नहीं है।”







