IPL 2022 के 46वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को बेहद रोमांचक मुलाबले में धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने 13 रन से मात दे दिया दिया है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी चेन्नई ने हैदराबाद के सामने 203 रनों का विशाल लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद की टीम 189/6 का स्कोर ही बना पाई और इस मुलाबले को 13 रनों से हार गई। हैदराबाद की ओर से निकोलस पूरन ने आतिशी नाबाद (64) रन की पारी खेली जहाँ उन्होंने 3 चौके और 6 छक्के जड़े। CSK की ओर से मुकेश चौधरी ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए।
फिर से धोनी बने कप्तान
आधे सीजन की असफलता के बाद एक बार फिर धोनी को भार सौपा गया। जहाँ उन्होंने बतौर कप्तान मैच में वापसी की और शानदार जीत के साथ आगाज किया । टीम संतुलित और शानदार लगी । एक अलग जोश देकने मिला ।हैदरबाद पर इस जीत के साथ चेन्नई की 9 मैचों में ये यह तीसरी जीत है। 6 अंकों के साथ चेन्नई 9 वें पायदान पर है ।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए चेन्नई ने निर्धारित 20 ओवर में 2 विकेट पर 202 रन बनाया । जहाँ चेन्नई के सलामी बल्लेबाज़ ऋतुराज गायकवाड़ ने आतिशी 99 रन बनाए, वहीं कॉनवे ने नाबाद 85 रन की पारी खेली और टीम को मजबूत शुरुआत दी । हैदराबाद की ओर से टी नटराजन ने 2 विकेट अपने नाम किए।
जीत के बाद प्रेजेंटेशन में जानिए धोनी ने की क्या कहा
” हमारे पास एक अच्छा स्कोर था जिसे हम बचा पाए । हमने अच्छी शुरुआत की और गेंदबाजों ने उन क्षेत्रों में गेंदबाजी की जहाँ हम करना चाह रहे थे । मैच का टर्निंग पॉइंट स्पिनर गेंदबाज़ रहे जिन्होंने 6 ओवर के बाद गेंदबाजी की । हमने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया , हमने कुछ ओवर ऐसे भी किये जिसमें 25-26 रन निकले और जब आप 200 रन बनाते हैं, तो दो बड़े ओवर के बाद आप 19 ओवरों में 175-180 पर आ जाता है। एक गेंदबाज के तौर पर अगर चीजें एक जैसी नहीं हो रहीं हैं तो उन्हें कुछ अलग करने की कोशिश करना महत्वपूर्ण है।
मैंने हमेशा अपने गेंदबाजों से कहा, आप एक ओवर में 4 छक्के खा सकते हैं, लेकिन 2 गेंदें जो आप बचाते हैं – वे 2 गेंदें महत्वपूर्ण हैं जो आपको खेल जीतने में मदद करेंगी। काफी गेंदबाज, ओवर में 304 छक्के जेड जाने के बाद गेंदबाज़ी में परिवर्तन नहीं करते हैं । इस सिद्धांत में कितने लोग विश्वास करते हैं, मुझे नहीं पता लेकिन यह वास्तव में काम करता है।

“मेरे और जडेजा के बीच वह पिछले सीजन में ही तय था कि उन्हें इस वर्ष जडेजा को कप्तानी का मौका दिया जाएगा। जडेजा के पास तैयारी के लिए काफी समय था। पहले 2 मैचों में मैंने जड्डू के साथ साडी जानकारी साझा की उसके उपरांत मैंने यह फैसला उन पर छोड़ दिया कि किसे और कब गेंदबाज़ी देनी है और कब अब किस कोण से गेंदबाजी करनी है ।
आपको अपना निर्णय खुद लेने की दरकार होगी । ऐसा नहीं होना चाहिए की वह महसूस करे कि कप्तानी किसी और ने की थी और मैं टॉस के लिए जा रहा हूँ। स्पून फीडिंग मदद नहीं करता । मैदान पर आपको वे महत्वपूर्ण फैसले के साथ सब चीजों की जिम्मेदारी लेनी होती है।”







