भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी 20 इंटरनेशनल मैच वार्नर पार्क सेंट किट्स में खेला गया, जहां वेस्टइंडीज ने मैच को 5 विकेट से जीतकर सीरीज में 1/1 से वापसी कर ली है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 138 रन बनाए जिसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम ने 19.2 ओवर में लक्ष्य को प्राप्त कर लिया। हालांकि इस समय जहां रोहित आखिरी ओवर में भुवनेश्वर कुमार का रुख कर भारतीय टीम की जीत पक्की कर सकते थे लेकिन उन्होंने आवेश खान को टटोलना चाहा और उन्हें आखिरी ओवर में दवाब भरे स्तिथि में गेंद दी। आगे बात करते हैं की पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में रोहित शर्मा ने क्या कहा।
भारतीय बल्लेबाजों की खुली पोल

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और सूर्यकुमार ने पारी की शुरुआत की जहां भारतीय टीम ने रोहित शर्मा को मैच की पहली गेंद पर खोया। चौथी दफा टी 20 I में रोहित गोल्डन डक का शिकार बने। वहीं भारतीय टीम ने पावर प्ले में अपने 3 विकेट गवाए जहां रोहित 0, सूर्यकुमार 11, श्रेयस 10 रन बनाकर आउट हुए ।
पावर प्ले के ठीक बाद पंत भी 12 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हुए और दवाब भारती टीम पर आ गया। हार्दिक ने 31 और जडेजा ने 27 रन की पारी खेली वहीं फिनिशर कार्तिक जिनपर टीम भरोसा जाता रही थी इस मैच में बेदम दिखे और 7 के निजी स्कोर पर आउट हुए।
वेस्टइंडीज की ओर से ओबेड मैक्कॉय ने बरपाया कहर

4 ओवर में 17 रन देकर 6 विकेट लेकर ओबड मैक्कॉय ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। जहां धाकड़ बल्लेबाजी क्रम को भेदने में वेस्टइंडीज का यह गेंदबाज कामयाब रहा।
ब्रैंडन किंग की आतिशी बल्लेबाजी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज टीम के सलामी ।बल्लेबाजी किंग ने 52 गेंद में 2 चौके और 8 चौके की मदद से 68 रन बनाए वहीं अंत में डेवोन ने 19 गेंद में 31 नाबाद रन बनाकर मैच को वेस्टइंडीज के नाम कर दिया, जहां मैच आखिरी ओवर तक चला गया ।
रोहित शर्मा ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन पर कही यह बात

हमारे पास अधिक रन बोर्ड पर मौजूद नहीं थे। हमने बल्लेबाजी ठीक नहीं की। पिच पर मदद थी लेकिन हमने प्रोसेस पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन मुकाबलों में ऐसा होता है। जब बतौर बल्लेबाज आप अप्लाई करते हो तो हमेशा कामयाब आप हों ऐसा नहीं होता । हम सीख रहे हैं और ऐसी परिस्थिति में किसे खेल चलाना है यह महत्वपूर्ण हो जाता है।
आखिरी ओवर में आवेश को देने के पीछे बात यह थी की भुवनेश्वर कुमार कई बार ऐसी परिस्थिति में आखिरी ओवर में गेंदबाजी कर चुके हैं, मैं आवेश और अर्शदीप जैसे युवा गेंद बाजों को मौका देना चाहता था, क्या पता मैच का रुख किया दिशा में बदले, यह केवल मैच था हम उनके टैलेंट और स्किल को पूरा समर्थन देते हैं। मैं गेंदबाजी और टीम को लेकर खुश और अस्वस्थ हूं, जहां इस टोटल को इतने अंत तक बचाकर लेकर जाना बड़ी काबिलियत की बात है।
हम एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है लेकिन बल्लेबाजी का अंदाज नहीं बदलेगा, पैनिक नहीं करना है इसी अप्रोच से आक्रामक बल्लेबाज़ी होती रहेगी।







