भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए हाल में खत्म हुए सीरीज 2-2 की बराबरी पर छूटा । जहाँ एक ओर रोहित की गैरमौजूदगी में लोकेश राहुल को टीम की कप्तानी दी है वहीँ दूसरी तरफ लोकेश राहुल राहुल के अचानक इंजरी की वजह से ये भार ऋषभ पंत के कन्धों पर डाला गया । वहीँ उनके बल्लेबाज़ी से लेकर कप्तानी पर कई सवाल फैंस और क्रिकेट के पंडितों ने उठा दिए । वहीँ भारत के पूर्व क्रिकटर और पूर्व चयनकर्ता के बयान सामने आया है । जहाँ उन्होंने यह कहा की की अगर वे चयनकर्ता होते तो पंत को इतनी हड़बड़ी में कप्तानी नहीं देता .
पूर्व प्लेयर और चयनकर्ता के पद पर आसीन रह चुके मदनलाल ने स्पोर्ट्स तक से बातचीत के दौरान यह साझा किया की कहा है कि वे विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को भारतीय टीम कमांण नहीं देते इसके पीछे उन्होंने वन वजहों की भी चर्चा की जिस वजह से उन्होंने यह बात पर जोर दिए ।
मदनलाल ने कहा की कप्तानी के साथ आपका निजी प्रदर्शन और लम्बे समय से समरूप प्रदर्शन जरूरी है । उनके अनुसार ऋषभ पंत को लगभग 2 साल का वक़्त लेना चाहिए जिससे की वे खुद पर और जिम्मेदारी का बोझ डालने के साथ प्रदर्शन पर भी अपना फोकस डाल सके ।
पूर्व चयनकर्ता मदनलाल ने इस बात पर जोर डाला की महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली ने कप्तानी के लिए समय लिया और फिर मजबूत दावेदारी पेश करने के बाद ही इस पद पर आये । क्रिकेट को गौर से समझा और अनुभव लेकर ही आगे बढे । पंत को और अनुभव की जरूरत है और 2 साल में पूरी तरह परिपक्व होकर कप्तानी का भार लेना चाहिए था ।

मदनलाल ने स्पोर्ट्स तक से खास बातचीत के बाद यह कहा की अगर मई चयनकर्ता के पद पर होता तो ‘मैं ऋषभ पंत को कप्तानी के लिए हरी झंडी नहीं देता” भारतीय टीम की कप्तानी पद लेना और संभालना बड़ी बात है । अगर मई चयनकर्ता होता तो मई इसकी अनुमति फ़िलहाल नहीं देता । पंत अभी युवा हैं और अभी आगे उन्हें काफी खेलना है और सीखना है वे अभी टीम में लम्बे समय तक रहेगें ’
ऋषभ पंत को आने वाले 2 साल में अपने प्रदर्शन को और निखार कर लाना होगा जहाँ अपनी गेम को अलग लेवल पर ले जाने की दरकार उनपर होगी । तभी वो एक अच्छे अनुभवी और अच्छा कप्तान बन सकते हैं । जहाँ सभी कप्तान की अलग खासियत होती है । विराट कोहली बेहतरीन बल्लेबाज़ के साथ कप्तान भी हुए वहीँ धोनी शांत स्वभाव के क्रिकेटर के साथ कप्तान रहे ।
गौरतलब है की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले दो मैच में मिली करारी हार के बाद आलोचकों ने पंत की जबरदस्त आलोचना कर दी थी ।
वहीँ क्रिकेट पंडित और विशेषज्ञों ने जमकर अपनी राय ऋषभ पंत पर दी थी । लेकिन आखिरी के 2 मैच को जीतकर वापसी करने के बाद वो अटकलों पर ताला जरूर लगा ।







