भारत और दक्षिण अफ्रीका के पहले टी 20 मैच में जहाँ डेविड मिलर और डुसेन ने मिलकर भारतीय टीम के विशाल 211 के लक्ष्य को छोटा बना दिया था । वहीँ कटक में खेले गए दूसरे टी 20 मैच में क्विंटन डि कॉक की जगह आये हेनरिक क्लासेन (Heinrich Klaasen) ने आतिशी 46 बॉल में 81 रन की पारी खेल मैच को एकतरफा बना दिया ।
मेजबान टीम इंडिया को मेहमान टीम दक्षिण अफ्रीका ने 4 विकेट से परास्त कर 5 मैचों की श्रृंखला में उसने 2-0 की बढ़त बना ली है।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दिल्ली से शुरू हुए टी 20 सीरीज का दूसरा मैच कटक के मैदान पर पंहुचा जहाँ 12 जून की रात को कटक के बाराबती स्टेडियम में भारतीय टीम ऋषभ पंत की अगुवाई में लगातार दूसरी मैच में शिकस्त पाई । दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बवूमा फिर टॉस के बॉस बने और टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया । जहाँ शुरुआती झटकों से किसी तरह उबरते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में 148 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीका को जीत के 149 रनों का लक्ष्य मिला जहाँ ख़राब शुरुआत के बावजूद मैच को 4 विकेट से अपने नाम कर लिया है।
टीम इंडिय को चार विकेट से मात देकर साउथ अफ्रीका टीम ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज में 2-0 से बढ़त हासिल कर ली है । जहाँ एक और हार और हार के साथ अब सीरीज हार का खरा भी सर पर है । दूसरे टी 20 मैच में हेनरिक क्लासेन (Heinrich Klaasen) ने टीम में जबरदस्त वापसी कैट हुए तहलका मचा दिया ।

टीम की जीत के नायक रहे हेनरिक को प्लेयर ऑफ द मैच के ख़िताब से भी नवाजा गया। जहाँ उन्हें 1 लाख रुपये की धनराशि भी डि गई ।
प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद हेनरिक ने मैच प्रेज़न्टैशन में कहा,
“ क्विंटन डि कॉक ने मुझसे कहा की उन्हें कलाई में चोट है मुझे सुबह पता चला की मैं टीम का हिस्सा हूँ । कल सुबह उसके हाथों में परेशानी थी, मुझे यकीन हो गया था की मई दूसरा टी 20 मुकाबला खेल रहा हूँ । पहले कुछ ओवर नई गेंद से यह पिच पर टिकना बेहद मुश्किल लग रहा था इसलिए मैंने स्पिनरों को रिमांड पर लिया और कोशिश की अधिक रन बनाने की ।
“मैं भारत आकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं, और मैं यहां आकर खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूँ । सभी स्टाफ के सदस्यों ने मेरा पूरा समर्थन किया, मई सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ ।
भुवनेश्वर कुमार के धारधार गेंदबाज़ी गई बेकार
149 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। जहाँ भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) ने अपनी स्विंग गेंद का पावरप्ले में जौहर दिखाया और 3 बड़े विकेट हासिल किये । लेकिन पांचवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे हेनरिक ने फ़ास्ट गेंदबाज़ों को नहीं बल्कि स्पिन गेंदबाज़ों पर हल्ला बोल दिया । जहाँ हेनरिक क्लासेन (Heinrich Klaasen) की 46 बॉल में 81 रन की आतिशी पारी भारत पर भारी पड़ गई। जहाँ चहल और अक्षर के ओवर में हेनरिक ने आतिशी बल्लेबाज़ी की ।

बवूमा और क्लासेन के बीच शानदार साझेदारी
बवूमा और क्लासेन ने चौथे विकेट के लिए 41 गेंदों में 64 रनों की जबरदस्त साझेदारी की साझेदारी निभाई । जहाँ दोनों ने स्पिन गेंदबाज़ो को टारगेट किया और ये गेम प्लान दक्षिण अफ्रीका के हित में रहा ।
हेनरिक क्लासेन ने 45 गेंदों में 81 रन बनाये, और अंत में फिनिशर की भूमिका में आये डेविड मिलर(18) ने आकर मैच को दक्षिण अफ्रीका के नाम कर दिया ।







