एशिया कप के सुपर 4 के चौथे ही मुकाबले में 11 सितंबर को होने वाले फाइनल की टीम के ऊपर से पर्दा हट चुका है जहां श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच फाइनल मैच खेला जाएगा वहीं अफगानिस्तान और भारत के एशिया कप के रेस से बाहर हो चुकी हैं। बीती रात अफगानिस्तान ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और बड़े उलटफेर करने से चूक गई। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगान प्लेयर ने 129 रन बनाए जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम ने 4 गेंद शेष रहते हुए 1 विकेट से मैच को जीत लिया है।

वहीं बाबर आजम और शादाब का असली चेहरा देखने मिला जहां दोनों ने भारत के खिलाफ लगाए गए 36 साल पुराने छक्के की याद को पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में बोल कर यह साबित कर दिया है की उनका रवैया भारत को लेकर क्या है। लिहाजा यह साफ है की अब भारत और पाकिस्तान के बाद एक और टीम ऐसे है जिसके भिड़ने पर पूरा देश उनके साथ होगा।
बाबर आजम और शादाब के बोल

पोस्ट मैच प्रिजनेट्शन पर के दौरान बाबर आजम और उपकप्तान शादाब ने अपने शब्दों से एक बार फिर भारत के फैंस के दिलों को छलनी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जहां मैच अफगानिस्तान के बीच में था और भारत के खिलाफ साल 1986 में मियादाद के लगाए गए छक्के की याद को बाबर आजम ने रवि शास्त्री के सामने साझा किया और मजाक के लहजे में भारतीय टीम को दिए गए पुराने जख्म को फिर से ताजा कर दिया। वहीं शादाब ने 2014 में आफरीदी के भारत के खिलाफ अश्विन के ओवर में छक्के की याद को पोस्ट मैच प्रिजनेट्शन में दोहराकर भारतीय फैंस को चोट देने में कसर नहीं छोड़ी।
नसीम शाह ने बेशक अच्छी पारी खेली लेकिन मियादद के छक्के का जिक्र कर नसीम शाह के छक्के की तुलना उनसे करना यह बाबर आजम की मंशा को जाहिर करता है।
बाबर आजम का पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में बयान

बाबर आजम ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कहा अगर सच कहूं तो ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद गंभीरता था। जहां प्लेयर्स अंदर बाहर कर रहे थे ।नसीम शाह ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और पाकिस्तान को जीत दिलाई हालांकि शारजाह का मैदान अक्सर लो स्कोरिंग मैच रहा है जहां मुजीब और राशिद ने शानदार गेंदबाजी की। वहीं हम मैच को अंत तक ले जाना चाह रहे थे, हमने गेंद से कमाल का प्रदर्शन किया वहीं बल्लेबाजी में हमारा प्लान सफल नहीं रहा।
मैंने नसीम शाह को नेट पर ऐसी बल्लेबाजी करते हुए देखा है और मुझे विश्वास था की वे टीम को जीत दिलवा सकते हैं। उनका छक्का मुझे जावेद मियादाद की याद आ गई । जहां उन्होंने भी ऐसा कुछ किया था।







