भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथे टी-20 इंटरनेशनल मैच में भारत के लिए करो या मारो वाली स्तिथि वाली मैच थी ।जहाँ एक जीत भारतीय टीम को बराबरी पर ला सकती थी वहीँ एक हार भारतीय टीम को सीरीज में हार दिलवा सकती थी । जहाँ भारतीय टीम ने एक जूट टीम प्रदर्शन कर इस मैच को साउथ अफ्रीका को 82 रन से हराकर अपने नाम किया । इसके साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-2 की बराबरी हासिल कर ली है।
16 साल बाद मिला अवार्ड

भारत के लिए संकटमोचक रहे दिनेश कार्तिक जिन्होंने अपने 16 साल करियर में पहला अर्धशतक जड़ा, जहाँ उन्होंने महज 27 गेंद पर 55 रन की पारी खेली , वहीँ हार्दिक पंड्या ने भी आतिशी 46 रन की पारी खेल भारत को मैच में बनाये रखा । दोनों बल्लेबाज़ों के कहर के बाद अब मौका गेंदबाज़ों के पास था जहाँ इस टोटल को उन्हें डिफेंड करना था । जहाँ भारत के गेंदबाज़ों ने भी बल्लेबाज़ों के इस प्रयास को जाया नहीं जाने दिया ।
गेंदबाज़ों की धारदार गेंदबाज़ी
आवेश जहां ने शानदार गेंदबाज़ी की और 4 ओवर में 18 रन देकर 4 विकेट लिया ।वहीँ चहल ने भी 2 सफलता अर्जित की । पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 169 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 16.5 ओवर में नौ विकेट गंवाकर 87 रन ही बना सकी।
टी-20 इंटरनेशनल में यह टीम इंडिया की साउथ अफ्रीका के ऊपर सबसे बड़ी जीत है। वहीँ यह दक्षिण अफ्रीका के टी 20 इतिहास में सबसे शर्मनाक हार ।

मैन ऑफ़ द मैच बने दिनेश कार्तिक
दिनेश कार्तिक को मैन ऑफ़ के ख़िताब से नवाज़ा गया , जहाँ उन्हें यह अवार्ड 16 साल की टी 20 करियर में फली बार मिला । करियर तो कार्तिक का लम्बा रहा लेकिन मौके उन्हें काफी कम मिले वहीँ छठे नंबर पर बल्लेबाज़ी कर मैन ऑफ़ द मैच लेना बड़े गौरव की बात है ।
कार्तिक ने प्रेजेंटेशन के दौरान कहा

बस अच्छा लगता है। मैं इस सेटअप में बहुत सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। आखिरी गेम में चीजें योजना के अनुसार नहीं हुईं, लेकिन मैंने आज मैदान पर खुद को एक्सप्रेस करना चाहता था और वो किया। मुझे लगता है कि में बेहतर सकारात्मक सोच से खेल रहा हूँ वहीँ परिस्थितियों का बेहतर आकलन करने में खुद को अधिक सक्षम पा रहा हूँ । यह केवल और केवल अभ्यास के साथ आता है। अपने मेरे कोच को श्रेय देना चाहुगा ।
दक्षिण अफ्रीका ने शानदार गेंदबाजी की और हमारे लिए मुश्किल में ला खड़ी किया । यह बल्लेबाजी करने के लिए कठिन पिच थी। बाउंड्री लगाना कठिन था। हमारे सलामी बल्लेबाज आमतौर पर हमें अच्छी शुरुआत दिलाते हैं जिससे हमारी जिंदगी आसान हो जाती है ।

जब मैं बल्लेबाज़ी के लिए गया तो हार्दिक ने मुझे अपना समय लेने के लिए कहा। यह महत्वपूर्ण था कि लंबे समय से आसपास रहने वाले खिलाड़ियों को ऐसी पिचों पर खड़े होने की जरूरत है।
अगला फाइनल मैच बेंगलुरु मेरे लिए होम ग्राउंड है। वहां काफी खेला हूं। द्विपक्षीय सीरीज को फाइनल मैच तक जाते हुए देखना अच्छा है। राहुल द्रविड़ को श्रेय देना चाहुगा । ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा और अच्छा मौहाल है । अब हमारा एक मात्र लक्ष्य फाइनल को जीतना है ।







