भारतीय महिला टीम और ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के बीच पहला t20 इंटरनेशनल मुकाबला मुंबई के डॉक्टर डी वाई पाटिल स्पोर्ट्स अकैडमी में खेला जा रहा है गैस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया वही पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय महिला टीम ने निर्धारित 20 ओवर में विकेट के नुकसान पर रन बनाएं जहां शेफाली वर्मा स्मृति मंधाना के साथ घोष ने ताबड़तोड़ प्रदर्शन क्या वह अंत में आकर दीप्ति शर्मा ने भी लाजवाब कैमियो पारी खेली। जहां दीप्ति शर्मा और घोष ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजों की जमकर धज्जियां उड़ाई।
शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना का तूफानी प्रदर्शन
भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज की भूमिका शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना में तूफानी पारी खेली। शेफाली वर्मा ने दो चौके और दो छक्के की मदद से 10 गेंद पर 21 रन ठोक दिए तो दूसरी ओर स्मृति मंधाना ने 22 गेंदों पर पांच चौके की मदद से 28 रन बनाए। जहां पहले विकेट के लिए शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के बीच 28 रनों की साझेदारी मैच 3 ओवर के अंदर हो गई थी।
रिचा घोष आदिति शर्मा ने मचाई तबाही

छठे नंबर पर उतरी रिचा घोष ने 20 गेंदों पर 5 चौके और दो छक्के की मदद से 36 रन की आतिशी पारी खेली। वहीं रिचा घोष के आउट हो जाने के बाद उत्तरी दीप्ति वर्मा ने भी 15 गेंदों पर आठ चौके की मदद से 36 रन ठोके, जहां के स्ट्राइक रेट 240 का रहा ।वहीं आखिरी ओवर में दीप्ति शर्मा ने चार लगातार चौके ठोक कर सनसनी मचा दी।
भारत की ओर से जम्मू में रोड्रिक्स 0 रनों पर आउट हुए वहीं कप्तान हरमनप्रीत ने 23 गेंदों पर 21 रन की पारी खेली। देविका विद्या ने 24 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 25 रन की बहुमूल्य योगदान दिया।
पैरी रही सबसे सफल गेंदबाज
ऑस्ट्रेलिया की ओर से सात गेंदबाजों का इस्तेमाल किया गया जहां पैरी ने 2 ओवर में 10 रन देकर दो सफलता अर्जित की वही किंग, गार्डनर और सदरलैंड को एक-एक सफलता हाथ लगी।
टूटे ये रिकॉर्ड

टी 20 इंटरनेशनल मैच में भारतीय महिला टीम की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम 7 ओवर में 85 रन ठोके जो की भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ t20 इंटरनेशनल मैच में भारतीय टीम का यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। जहां इससे पहले 2020 में मेलबर्न के मैदान पर भारतीय टीम ने 3 विकेट पर 177 रन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए थे।
एशिया में सर्वाधिक t20 मैच खेलने वाली प्लेयर बनी हरमनप्रीत। यह उनका 74वां मुकाबला था ।इससे पहले पाकिस्तान के बिस्मा मारूफ जिन्होंने 73 मैच एशिया में खेले थे उनके नाम यह रिकॉर्ड था।







