
भारत और इंग्लैंड के बीच अंडर-19 विश्व कप का फाइनल मुकाबला एंटीगुआ के मैदान पर खेला जा रहा है ।जहां इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम 44.5 ओवर में 189 रन पर धराशाई हो गई ।भारत की ओर से रवि कुमार और राज बाबा ने कहर बरपाते हुए इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। जहां दोनों ही गेंदबाजों ने धारदार गेंदबाजी की एवं क्रमश पांच और चार विकेट लिए।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी इंग्लैंड की बल्लेबाजी की बात की जाए इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज जॉर्ज थॉमस ने 30 गेंदों का सामना करते हुए 27 रन बनाए वहीं जैकब ने 5 गेंदों का सामना करते हुए 2 रन बनाए इंग्लैंड की ओर से सबसे सफल बल्लेबाज जेम्स रहे जिन्होंने 116 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौकों की मदद से 95 रन बनाए। उनका विकेट रवि कुमार ने लिया, कौशल तांबे ने उनका शानदार कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन वापस भेजा।
एक समय इंग्लैंड के 91 पर गिर गए थे 7 विकेट
गौरतलब है कि एक समय ऐसा भी था जब इंग्लैंड के 7 विकेट मैच 91 रन पर गिर गए थे इसके उपरांत जेम्स रू उन्हें जेम्स सेल्स के साथ साझेदारी करते हुए टीम का स्कोर 184 तक ले गए इसके उपरांत जेम्स 43वें ओवर में आउट है।
भारत की गेंदबाजी
5⃣-wicket haul in the #U19CWC Final! 👌 👌
What a fantastic performance this has been from Raj Bawa! 🙌 🙌 #BoysInBlue #INDvENG
England U19 all out for 189.
Scorecard ▶️ https://t.co/p6jf1AXpsy pic.twitter.com/oBNj8j2d1W
— BCCI (@BCCI) February 5, 2022
भारत की ओर से धारदार गेंदबाजी की गई। जहां भारत के सलामी गेंदबाज रवि कुमार ने 9 ओवर में 34 रन देकर चार विकेट चटकाए ।वहीं दूसरी ओर राज बाबा ने 9.5 ओवर में 31 रन देकर पांच विकेट लिए। कुशाल तांबे को एक सफलता मिली। गौरतलब है कि भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड पर कहर बरपा दिया। जहां इंग्लैंड के 7 बल्लेबाज 91 रन पर आउट हो चुके थे ,वही जेम्स सेल्स एवं जेम्स रियो की साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड सम्मानजनक स्कोर पर पहुंच गए।
भारत की टीम पांचवें विश्व कप की तलाश
गौरतलब है कि साल 2000 में मोहम्मद कैफ की अगुवाई में भारतीय टीम विजयी हुई थी ।वही 2008 में विराट कोहली अगुआई में टीम इंडिया ने अंडर-19 विश्व कप जीत हासिल की थी। 2012 में उन्मुक्त चांद तथा 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप पर भारत का कब्जा हुआ था । देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार यश के हाथों में कब आ पाती है या नहीं।






