
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सेमीफाइनल मैच खेला गया जहां भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया की टीम को 96 रनों से रौंद कर फाइनल में प्रवेश किया। 5 फरवरी को भारत और इंग्लैंड के बीच फाइनल मुकाबला अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला जाएगा।
वहीं भारत के उपकप्तान राशिद के कैच आउट पर टिप्पणी का सिलसिला जारी है। कुछ लोगों का कहना है की अंपायर द्वारा गलत निर्णय लिया गया। वहीं यह बता पाना कठिन है, लेकिन रशीद 6 रन से अपने शतक से चूक गए और ये सच्चाई है। वहीं अगर अगर ऐसे स्तिथि सलामी बल्लेबाज़ के आउट होने के ठीक बाद होता तो भारत की जीत के मंसूबों पर पानी फिर सकता था। जहां भारतीय टीम के कप्तान यश ने पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
WHAT. A. PERFORMANCE! 💪 👌
India U19 beat Australia U19 by 9⃣6⃣ runs & march into the #U19CWC 2022 Final. 👏 👏 #BoysInBlue #INDvAUS
This is India U19's 4th successive & 8th overall appearance in the U19 World Cup finals. 🔝
Scorecard ➡️ https://t.co/tpXk8p6Uw6 pic.twitter.com/tapbrYrIMg
— BCCI (@BCCI) February 2, 2022
इसके उपरांत भारतीय टीम ने 50 ओवर में 290 रन बनाए। इसके उपरांत भारतीय टीम ने धारदार गेंदबाजी की और भारत ने मैच को 96 रन के बड़े अंतर से जीत लिया।
कैच आउट देने पर उठा सवाल
गौरतलब है की निसबेट की 45 वें ओवर की आखिरी गेंद पर रशीद ने ऑफ साइड में शॉट खेला वहीं गेंद मैदान के बेहद करीब से फिल्डर सिनफील्ड के हाथों में गई , इसके लिए अंपायर ने थर्ड अंपायर की ओर इशारा किया। वहीं सॉफ्ट सिग्नल आउट दिया गया। इसके उपरांत दोनों एंगिल से देखा गया दोनो एंगिल से कुछ एविडेंस नहीं मिला। जिसके बाद सॉफ्ट सिग्नल आउट की बाद भारत के उपकप्तान को बाहर जाना पड़ा और वह शतक से चूक गए। हालाँकि सोशल मीडिया पर लोगोंने सवाल जरूर खड़े किये और अंपायर के निर्णय को गलत बताया । हालाकिं भारतीय टीम जीत गई और ये मुद्दा शांत हो गया ।
कप्तान और उपकप्तान के बीच हुई 204 रनों की रिकॉर्ड पार्टनरशिप
कप्तान यश और उप कप्तान के बीच कुल 204 रनों की साझेदारी हुई। जहां दोनों ही प्लेयर एक ओवर में आउट हुए। वहीं यश शतक बनाने में कामयाब हुए जहां उन्होंने 110 गेंदों में 110 रन की पारी खेली । वहीं उपकप्तान 6 रनों से शतक से चूक गए।
क्रिकेट में अक्सर ऐसा होता है की जहां कंक्लूसिव एविडेंस ना मिलने पर थर्ड अंपायर ऑन ग्राउंड अंपायर को तरजीह देते हैं और उनके सॉफ्ट सिग्नल के आधार पर निर्णय लिया जाता है। लेकिन अगर सेमीफाइनल और फाइनल का मैच दाव पर हो तो मामला पेचीदा हो जाता है।






