भारत और अफगानिस्तान के बीच हुए एशिया कप के सुपर 4 के पांचवें मुकाबले में भारत ने 101 रनों से अफगानिस्तान को रौंदा और एशिया कप 2022 से विदाई ली। जहां एशिया कप 2022 में भारतीय टीम बिना कप के साथ लौट रही हो लेकिन जो बात सबसे बड़ी और दिलासा देने वाली है वह है विराट कोहली का 1020 दिनों के बाद लगाया गया सबसे जबरदस्त शतक। 122 रनों की जबरदस्त पारी खेल विराट ने आलोचकों का मुंह अब बंद कर दिया है। 12 चौके और 6 छक्के के साथ विराट कोहली ने एशिया कप में भारत के आखिरी मैच को यादगार बना दिया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवर में 212 रन बनाए जिसके जवाब में अफगानिस्तान की टीम ने 8 विकेट पर 111 रन ही बना पाई और इस मैच को भारत ने 101 रनों से जीत लिया। भुवनेश्वर कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 4 रन देकर 5 विकेट चटकाएं।
अफगानसितान की और से केवल इब्राहमीन जदरान ने सर्वाधिक 64 रन की पारी खेली ।भारत की तरफ़ से भुवनेश्वर ने 5 विकेट 4 रन देकर लिए।
मैन ऑफ द मैच बने विराट कोहली

122 रनों की शानदार पारी खेलने वाले।विराट कोहली को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गाया । जिसके लिए उन्हें 5000$ की धनराशि दी गई।
विराट कोहली ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कही ये बात

विराट कोहली ने कहा की आज का दिन जिस तरीके से गया मैं आभार मानता हूं। कुछ समय क्रिकट से दूर रहना और खुद पर काम करना और समझने का मौका मिला। मैं एक खास व्यक्ति का आभार व्यक्त करना चाहता हूं जो मेरे कठिन समय में मेरे साथ थी और मुझे इससे उबरने में काफी मदद के साथ प्रोत्साहन दिया। अनुष्का मुझे इस कठिन समय में मार्गदर्शन देती रहीं। मैने जब वापसी की तो मैं काफी रिलेक्स था aur गेम का आनंद ले रहा था। आपको बस गेम समझना है आप भगवान के एक बड़े हुनर से नवाजे गए हो।
आज मैने अपनी पूरी ताकत के साथ बल्लेबाजी की । उन्होंने कहा की उन्होंने खुद ही ऐसे मापदंड स्थापित कर दी थी जहां 60 का स्कोर छोटा लगता था। मैं किसी पर भी कुछ पिन पॉइंट नहीं कर रहा लेकिन मैं भगवान का आभार मानता हूं।
टीम मैनेजमेंट का आभार है जिन्होंने मुझे तनावमुक्त रखा । मुझ दवाब से दूर केवल बल्लेबाजी पर फोकस करने कहा। में साथ काफी अच्छा संचार रहा। मेरे दृष्टिकोण को ठीक रखा। मैने जब वापसी की तो उन्हों रिलेक्स और खेल को एंजॉय करने कहा।
मेरे पास बीते दिन कई सुझाव आय, की मैं यहां गलत कर रहूं, मुझे ऐसी क्रिकेट खेलनी चाहिए। मैने अपने अच्छे समय के पुराने वीडियो देखे और सच कहूं तो सब वैसा ही था, यह बताना कठिन होगा। जहां मैं वही सब कर रहा था जो पहले से करता आया हूं यह सब मेरे दिमाग में चल रहा था। लोग अपनी राय रखते हैं लेकिन यह समझना उन्होंने मुश्किल हो जाता है। मैने नजरिया बदला जिसकी मुझे ज़रूरत है। इस फॉर्मेट में सच कहूं तो मैने शतक नहीं सोचता था ।







