हाल में ही आईपीएल की मीडिया राइट्स को वायाकॉम18 और स्टार स्पोर्ट्स खेरीदने में कामयाब हुए। जहां इससे बेहद मोटी कमाई अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को होने जा रही है इसके साथ ही प्लेयर्स भी जबरदस्त मालामाल होंगे। वहीं ये बात शायद ही पाकिस्तान को रास आ रही है।
पाकिस्तान सुपर लीग और इंडियन प्रीमियर लीग की तुलना करना नाइंसाफी होगी। जहां यह सोचना भी बड़े पाप की तरह है। हालांकि हर लीग का अपना सम्मान है और उसकी इज्जत करनी चाहिए । लेकिन यह भी सच है की भारत के बाद ही देखा देखी सभी छोटे छोटे देशों ने भी अपनी क्रिकेट लीग बनकर पैसे ही उगाही में जुट गए।
जहां आईपीएल का एकमात्र मकसद था नए प्रतिभा को मंच देना वहीं दूसरे देशों में ये उगाही और पैसे बनाने की मशीन बन गई हालांकि नाम लेना ठीक नहीं होगा लेकिन इशारा ही ज्ञानियों के लिए काफी है।
कई बुद्धिजीवियों के अनुसार आईपीएल केवल बीसीसीआई का जेब भरने की मशीन भी बताई गई है। देश के पड़ोसी को बीसीसीआई के इस मेगा डील पर खुजली होनी शुरू हो गई है। जिसके गुहार अब वे आईसीसी से लगाने की सोच रहे हैं ।
जहाँ आईपीएल में शिरकत और मालामाल हो रहे प्लेयर्स पर भी पीसीबी की नज़र hai . जहाँ किसी भी हाल में वे ये चाहते हैं की विदेशी प्लेयर का रुख पाकिस्तान में हो और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पाकिस्तान सुपर लीग से एक एम्पायर खड़ा कर उसे बड़े ब्रांड में तब्दील कर सके ।
पीसीबी के चेयरमैन रमीज राजा को नहीं आ रहा रास
गैरतलब है की ब्रिटिश हाई कमिश्नर क्रिश्चियन टर्न और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रमीज राजा के बीच हुई जहां इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच 7 टी 20 मैच के साथ 3 टेस्ट मैच नवंबर से लेकर दिसंबर तक करवाए जाने को लेकर बात हुई है।

वहीं सूत्रों के अनुसार बर्मिंघम राष्ट्रमंडल के खेलों के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की बैठक होगी। जहां पाकिस्तान इस मुद्दे को उठाएगा की भारत अपने फायदे के लिए आईपीएल का विस्तार कर रहा है वहीं विदेशी प्लेयर को बुक करने के संदर्भ में भी पाकिस्तान बात करता नजर आएगा।
जहां यह मुद्दा उठाया जाएगा की आईपीएल में अधिक समय रहने की वजह से विदेशी प्लेयर अपने देश के लिए द्विपक्षीय मैच नहीं खेल पाएंगे और इससे उस देश के रेवेन्यू पर भी असर पड़ेगा ।
वही पाकिस्तान में पाकिस्तान सुपर लीग में विदेशी प्लेयर और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने पर भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड रणनीति बनाती नजर आ रही है। वहीं आपको बता दें की बीसीसीआई और आईपीएल की।लोकप्रियता पाकिस्तान को बिलकुल भी नहीं सुहा रही है। जिसकी बड़ी वजह यह है की बीसीसीआई को स्पॉन्सर और मीडिया राइट्स देने से 100 गुना अधिक का फायदा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से हो रहा है।
दलिया दी जा रही है विदेशी क्रिकेटरों को पूरी तरह से बुक करने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के द्विपक्षीय श्रृंखलाओं पर इसका गलत एवं विपरीत असर पड़ेगा जिसकी वजह से दुनिया भर के क्रिकेट बोर्डों को काफी नुकसान पहुंचेगा।
Ramiz Raja (PCB Chairman) “We will switch to auction mode instead of draft for PSL 8. If we introduce auction mode (by increasing the players buying budget) it will give a tough competition to IPL. Then we’ll see who chose to play IPL over PSL. We need to grow our economy” (ESPN) pic.twitter.com/EYrh7VYjtm
— Ahmad Haseeb (@iamAhmadhaseeb) March 14, 2022







