क्रिकेट में प्रदर्शन तो जरूरी है की लेकिन इससे भी अधिक जरूरी शायद टाइमिंग है। उदाहरण के तौर पर देखें तो लोगों के अनुसार जब कार्तिक बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज टीम में शामिल हुए थे और तब अगर धोनी नहीं आते तो शायद कार्तिक का कैरियर कुछ अलग बुलंदी पर होता।
जहां टीम में कई बार धोनी के रहते कार्तिक को बतौर विकेटकीपर नहीं बल्कि बल्लेबाज के रूप में मैदान पर देखा गया था।
वहीं भारत का ऐसा भी प्लेयर है जो अपनी प्रदर्शन से छाप पर छाप छोड़ रहा है लेकिन चयनकर्ता का ध्यान आकर्षित करने में कामयाबी नहीं मिल पा रही है। जी हैं आपने ठीक समझा हम बात सरफराज खान की कर रह हैं। आगे खबर विस्तार से ।
रणजी में किया धमाल
गौरतलब है की जब जब सरफराज को मौका मिला है उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीता है। अपनी प्रदर्शन का लोहा उन्होंने मनवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जहां हाल में ही रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मुंबई और उत्तराखंड के बीच हुई भिड़ंत में सरफराज ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 153 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली ।

जहां उन्होंने अपनी पहली पारी में 205 रन बनाए थे जिसमें उन्होंने 4 छक्के के साथ 14 चौके जड़े थे।गौरतलब है कि सरफराज ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कुल 2000 रन भी पूरे किए जहां उनका औसत 80 से अधिक का रहा। वहीं इसके साथ ही उन्होंने विश्व के सर्वोत्तम बल्लेबाजों में गिनती किए जाने वाले ब्रैडमैन के क्लब में शामिल हो गए है।
आपको बता दें की ब्रैडमैन ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 2000 रन पूरे 95.4 के औसत से किया थे। वह इस क्लब में अब सरफराज खान भी दूसरे पायदान पर 80 से अधिक औसत के साथ आ गए हैं। तीसरे स्थान पर विजय मर्चेंट 71.4 की औसत से वहीं चौथे पायदान पर जॉर्ज हेडली 69 की औसत से हैं।
सरफराज का दबदबा
Sarfaraz khan🔥🔥🔥 , haters don’t forget who is his idol #hitman 🐐 pic.twitter.com/Qx0dxi2lhO
— Varun Verma (@VarunVe19851284) June 7, 2022
गौरतलब है कि सरफराज खान की आखिरी के 13 पारियों की बात की जाए तो रणजी ट्रॉफी में उन्होंने अपनी आखिरी 13 पारियों में 1624 रन 162.4 की औसत से बनाए जहां उन्होंने 6 शतक, 3 अर्धशतक, 3 दोहरा शतक के साथ 1 तिहरा शतक भी जड़ा है। इसके बाद भी उन्हें नेशनल टीम के लिए सेलेक्ट नहीं किया जा रहा है। जब वह अच्छे फॉर्म हैं और टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं ।
भारतीय टीम की बात की जाए तो इंटरनेशनल स्तर पर भारतीय टीम के पास इतने प्लेयर हैं जो की एक साथ तीन अलग अलग जगह पर क्रिकेट खेल सकते हैं। वहीं शायद टीम इंडिया अभी अपने गेंदबाजी डिपार्टमेंट को और पुख्ता करने की सोच में है लिहाजा यह बड़ी वजह है की सरफराज के जबरदस्त प्रदर्शन के बाबजूद सेलेक्टर्स उन्हें तरजीह नहीं दे रहे हैं।







