भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच मोहाली के मैदान पर खेला जा रहा है. जहां भारत की ओर से ऋषभ पंत ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 96 रनों की पारी खेली ।हालांकि पंत 4 रनों से शतक बनाने से चूके लेकिन जिस तरह से वह मैच को खेल रहे हैं और अपने बैटिंग पर काम कर रहे हैं वह आने वाले दिनों में क्रिकेट जगत में एक बड़ा नाम बनने वाले हैं।वहीं दूसरी ओर ईशान किशन भी टी 20 फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब हुए हैं। जहां अब इन दोनों प्लेयर के प्रदर्शन के कारण 36 वर्षीय इस स्टार विकेटकीपर का करियर लगभग समाप्त होता दिखाई दे रहा हैं जहां अब वह ना ही बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा हैं और ना ही अब वह किसी सीरीज के लिए चुने जाते हैं।
इस स्टार प्लेयर की वापसी हुई असंभव !
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक की बात की जा रही है, जहां दिनेश कार्तिक ने विगत 2 वर्ष से अधिक समय से भारत के लिए कोई भी मैच नहीं खेला है। वर्ल्ड कप में शिरकत करने के बाद उन्हें टीम मैनेजमेंट ने जगह नहीं दी है। कभी अपने दम पर नीदास कप में छक्का लगाकर बांग्लादेश से जीत छीन लेने वाले इस स्टार प्लेयर का करियर संकट में है। जहां ईशान किशन, ऋषभ पंत, संजू सैमसन , रिद्धिमान साहा के होते हैं टीम मैनेजमेंट कार्तिक को तरजीह नहीं देगी यह तो तय माना जा रहा है। देश कार्तिकी कैरियर की बात की जाए तो दिनेश कार्तिक ने 94 वनडे मैच 32 t20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से 26 टेस्ट मैच खेले हैं जो इन तीनों फॉर्मेट में उन्होंने 3000 से अधिक रन अपने नाम किया वहीं आईपीएल में वह कुछ खास कमाल नहीं कर पाए हैं।

अब बता दें कि ऋषभ पंत ने तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। वहीं अब उन्हें ईशान किशन भी t20 में टक्कर देने लगे हैं ।ईशान किशन और ऋषभ पंत के बीच शायद ही आप दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में तरजीह दी जाए। यह सब को देख कर बस एक ही चीज लगती है कि दिनेश कार्तिक के लिए भारतीय टीम के दरवाज बंद हो चुके हैं। हालांकि यह कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि क्रिकेट अनिश्चितताओं का गेम है एवं दिनेश कार्तिक फिर भी प्रयासरत है कि वह एक बार फिर से अपनी दूसरी पारी टीम इंडिया के साथ खेलें।
36 के हुए कार्तिक
गौरतलब है की दिनेश कार्तिक 36 साल के हो गए हैं हालांकि उम्र का लेना देना क्रिकेट से नहीं है। अगर आप में काबिलियत है तो आप 40 की उम्र तक खेल सकते हैं बरशर्ते आप अच्छा खेलराहे हो और सेलेक्टर्स का आप पर भरोसा हो।







