भारत और इंग्लैंड के बीच द्विपक्षीय एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला का आखिरी और निर्णायक मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया ।जहां इस रोमांचक मैच में ऋषभ पंत की शानदार शतकीय और हार्दिक पांड्या के अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने इस मैच को 5 विकेट से जीत कर श्रृंखला को 2-1 से अपने नाम किया। इंग्लैंड ने जीत के लिए भारत के सामने 260 रनों का लक्ष्य रखा था।
भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया ।जहां बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 259 बनाएं । इंग्लैंड की ओर से जॉस बटलर ने सर्वाधिक 60 रनों का योगदान दिया। वहीं भारत की ओर से गेंदबाजी की बात की जाए तो हार्दिक पांड्या ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए। वही यजुवेंद्र चहल को तीन सफलता हाथ लगी ।मोहम्मद सिराज को दो तथा जडेजा 1 विकेट लेने में कामयाबी मिली ।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही ।जहां शिखर धवन 1 रन पर विराट कोहली एवं रोहित शर्मा 17-17 रनों पर क्रमश आउट हुए। वहीं मिस्टर डिपेंडेबल के नाम से अब जाने जाने वाले सूर्यकुमार भी 16 रन पर चलते बने ।

इसके बाद ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या ने कमान संभाली और दोनों ने मिलकर 133 रनों की शानदार साझेदारी कर भारत की जीत मुकम्मल कर दी । पंत ने 113 गेंदों का सामना करते हुए 16 चौके और दो छक्के की मदद से ताबड़तोड़ 125 रन बनाए वही हार्दिक पांड्या ने 71 रनों की पारी खेली।
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में बटलर ने हराया खुद को जिम्मेदार
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में पूछे जाने पर इंग्लैंड के कप्तान जॉस बटलर ने कहा कि अगर वह ऋषभ पंत को स्टंप आउट कर देते तथा हार्दिक पांड्या का कैच पकड़ा जाता तो शायद परिणाम कुछ और होता । जहाँ बटलर ने ये कबूला कि ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या को जीवन दान देना इंग्लैंड के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर इन क्लास प्लेयर को जीवनदान मिलेगा तो यह पूरा मैच पलटने की काबिलियत रखते हैं और कुछ वैसा ही सीरीज के आखिरी और निर्णायक मैच में हुआ जहां हार्दिक और ऋषभ पंत ने जीत की नींव रखी।







